टैंगो असल में कहाँ से है?
टैंगो रियो दे ला प्लाटा से आया है, जो अर्जेंटीना और उरुग्वे के बीच का चौड़ा मुहाना है। इसका जन्म 1880 के दशक में ब्यूनस आयर्स और मोंटेवीडियो के ग़रीब बंदरगाही मोहल्लों में हुआ, और वहाँ से यह दुनिया के सबसे जाने-माने जोड़ी-नृत्यों में से एक बन गया।
बंदरगाह शहरों में जन्म
19वीं सदी के आख़िर में यूरोपीय प्रवासी भारी तादाद में ब्यूनस आयर्स और मोंटेवीडियो आए। यूनेस्को बताता है कि कैसे शहरों के ग़रीब इलाक़ों में उनके रीति-रिवाज ग़ुलाम बनाए गए अफ़्रीकियों के वंशजों और स्थानीय क्रिओयो लोगों के रिवाजों से घुल-मिल गए, और इसी मेल से टैंगो निकला। इसने एक तेज़ स्थानीय नृत्य मिलोंगा से, अफ़्रीकी जड़ों वाली तालों से और क्यूबा के हबानेरा से प्रेरणा ली। इसे डांस हॉलों, शराबख़ानों और चकलों में बाँसुरी, गिटार और वायलिन की छोटी तिकड़ियों की धुन पर नाचा जाता था।
बाहरी बस्तियों से पेरिस तक
शुरू में टैंगो कई नृत्यों में से बस एक था। थिएटर और सड़कों के बैरल ऑर्गन इसे बाहरी बस्तियों से मज़दूर वर्ग के भीड़ भरे मोहल्लों तक ले गए। 20वीं सदी की शुरुआत में इसे अक्सर दो आदमी साथ नाचते थे, क्योंकि आदमी औरतों से ज़्यादा थे: 1914 में ब्यूनस आयर्स में औरतों से 1 लाख ज़्यादा आदमी थे। फिर ब्यूनस आयर्स के नर्तक और ऑर्केस्ट्रा टैंगो को यूरोप ले गए। यूरोप में टैंगो की पहली दीवानगी पेरिस में छाई, उसके बाद जल्द ही लंदन और बर्लिन में, और 1913 के आख़िर तक यह न्यूयॉर्क पहुँच चुका था।
लोग स्पेन क्यों सोचते हैं
टैंगो स्पेनिश में गाया जाता है, और 19वीं सदी के मध्य तक स्पेन में भी गीत-नृत्य की एक शैली थी जिसे टैंगो कहते थे। ब्रिटानिका कहता है कि वह हल्का-फुल्का स्पेनी टैंगो ब्यूनस आयर्स में मिलोंगा से मिल गया, और टैंगो संगीत की जड़ें स्पेनी, इतालवी, गाउचो, अफ़्रीकी और फ़्रांसीसी हैं। पर नृत्य ने ख़ुद रियो दे ला प्लाटा पर ही आकार लिया। 2009 में यूनेस्को ने अर्जेंटीना और उरुग्वे का संयुक्त प्रस्ताव मंज़ूर किया और टैंगो को दुनिया की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर की अपनी सूची में जोड़ा।
स्रोत: en.wikipedia.org › Tango ↗ · en.wikipedia.org › Tango music ↗ · ich.unesco.org ↗ · britannica.com ↗