मीरकैट असल में कहाँ से है?
मीरकैट दक्षिणी अफ़्रीका के कालाहारी और कारू के सूखे, खुले इलाक़ों में रहते हैं। हर समूह के कुछ सदस्य हमेशा पहरा देते हैं, और वयस्क बच्चों को पहले डंक निकालकर बिच्छू खाना सिखाते हैं।
मीरकैट दक्षिणी अफ़्रीका के कालाहारी और कारू के सूखे, खुले इलाक़ों में रहते हैं। हर समूह के कुछ सदस्य हमेशा पहरा देते हैं, और वयस्क बच्चों को पहले डंक निकालकर बिच्छू खाना सिखाते हैं।
📍 उर्वर अर्धचंद्र (ज़ाग्रोस और टॉरस पर्वत)
बकरियों को लगभग 10,000 साल पहले उर्वर अर्धचंद्र की पहाड़ियों में पालतू बनाया गया। झुंड में पाली गई सबसे पुरानी ज्ञात बकरियाँ ईरान के ज़ाग्रोस पहाड़ों में गंज दरेह से मिली हैं, जहाँ उनका जंगली पूर्वज बेज़ोअर आइबेक्स आज भी रहता है।
📍 चीन
बग़ीचे की गुलदाउदी को जापान पहुँचने से पहले कई सदियों तक चीन में विकसित किया गया। जापान में यह फूल सम्राट का प्रतीक बन गया, इसीलिए जापानी राजशाही को ‘गुलदाउदी सिंहासन’ कहा जाता है।
📍 पश्चिमी साहेल (उत्तरी माली)
बाजरे की खेती सबसे पहले 4,000 साल से भी पहले सहारा के दक्षिणी छोर पर, आज के उत्तरी माली के आसपास हुई। बाद में यह भारत पहुँचा, जो आज इसे किसी भी दूसरे देश से ज़्यादा उगाता है।
📍 ईस्ट लंदन, दक्षिण अफ़्रीका
लहरों को क़ाबू करने के लिए आपस में फँस जाने वाले कंक्रीट के ये विशाल ‘गुट्टे’ 1963 में दक्षिण अफ़्रीका के ईस्ट लंदन बंदरगाह के लिए डिज़ाइन किए गए थे। इनका अफ़्रीकांस नाम गुट्टे के खेल वाली हड्डियों से जुड़ा है, और आज ये दुनिया भर के तटों की रखवाली करते हैं।
📍 डरबन, दक्षिण अफ़्रीका
बनी चाउ में कोई ख़रगोश (bunny) नहीं होता: यह सफ़ेद ब्रेड का अंदर से खोखला किया गया लोफ़ है, जिसमें करी भरी जाती है। इसे 1940 के दशक में डरबन के भारतीय समुदाय ने बनाया, जहाँ लोग आज भी ‘quarter mutton’ ऑर्डर करते हैं।
📍 केप क्षेत्र, दक्षिण अफ़्रीका
यह डच लगता है, लेकिन aardvark (‘ज़मीन का सूअर’, बिल खोदने की आदत के कारण) दक्षिण अफ़्रीका में अफ़्रीकांस में गढ़ा गया, वह भाषा जो केप के बसने वालों की डच से विकसित हुई। अंग्रेज़ी ने इसे 1833 में लिया, और आर्डवार्क सिर्फ़ अफ़्रीका में रहते हैं।