डहेलिया असल में कहाँ से है?
डहेलिया मध्य मेक्सिको के पहाड़ी इलाक़ों से आया है, जो लगभग सभी जंगली डहेलिया प्रजातियों का घर हैं। स्पेनिश वनस्पतिशास्त्रियों के 1789 में इसे यूरोप भेजने से बहुत पहले एज़्टेक लोग इसे जानते थे, और 1963 में मेक्सिको ने डहेलिया को अपना राष्ट्रीय फूल घोषित किया।
एज़्टेक लोगों के पानी वाले डंठल
डहेलिया मेक्सिको के ऊँचे इलाक़ों और पहाड़ों में, 1,500 से 3,700 मीटर के बीच, चीड़-ओक के जंगलों में जंगली उगते हैं। मूल निवासी इन्हें भोजन, दवा और सजावट के लिए इकट्ठा करते और उगाते थे। एज़्टेक इन्हें acocotli और cocoxochitl कहते थे, जो नाम पौधों के खोखले तनों की ओर इशारा करते हैं, और वे पेड़-डहेलिया के लंबे खोखले तनों को पानी की नलियों की तरह इस्तेमाल करते थे। स्पेनियों ने 1525 में इन पौधों की ख़बर दी, और 1570 में फ़िलिप द्वितीय के मेक्सिको भेजे फ़्रांसिस्को एर्नांदेज़ ने इनका सबसे पुराना ज्ञात वर्णन लिखा।
मैड्रिड में नामकरण
1789 में मेक्सिको सिटी के वनस्पति उद्यान के निदेशक विसेंते सेर्वांतेस ने पौधे के हिस्से मैड्रिड के शाही उद्यानों में अंतोनियो होसे कावानिय्येस को भेजे। कावानिय्येस ने उसी साल एक पौधे पर फूल खिलाए और अगले साल दूसरे पर, और 1791 में उन्होंने इस वंश का नाम स्वीडिश वनस्पतिशास्त्री आंदर्स डाल के नाम पर Dahlia रखा, जो लिनियस के शिष्य रहे थे और जिनकी मृत्यु 1789 में हुई थी। मैड्रिड से बीज और कंद इटली, जर्मनी, फ़्रांस और इंग्लैंड पहुँचे, और प्रजनकों ने जल्द ही दोहरी पंखुड़ियों वाले फूल विकसित कर लिए।
लोग नीदरलैंड्स क्यों कहते हैं
डच उत्पादकों ने सचमुच आधुनिक डहेलिया को आकार दिया। 1872 में उनमें से एक, जे. टी. फ़ान डेर बर्ग, ने मेक्सिको से भेजी गई एक सड़ी हुई खेप से जड़ का एक ज़िंदा टुकड़ा बचाया। उससे पीछे की ओर मुड़ी पंखुड़ियों वाला एक लाल फूल उगा, जिसका नाम उन्होंने मेक्सिको के दिवंगत राष्ट्रपति बेनितो ख़ुआरेज़ के नाम पर Dahlia juarezii रखा। पुराने डहेलिया के साथ संकरण से इस ‘कैक्टस डहेलिया’ से आधुनिक संकर क़िस्में निकलीं। आज नीदरलैंड्स का क़स्बा ज़ुंडर्ट अपनी परेड की झाँकियों को लगभग 80 लाख डहेलिया से सजाता है।
स्रोत: en.wikipedia.org ↗ · web.stanford.edu ↗