सोडा वॉटर (बुलबुलेदार पानी) असल में कहाँ से है?
सोडा वॉटर उत्तरी इंग्लैंड से आया है। 1767 में रसायनशास्त्री जोसेफ़ प्रीस्टली ने लीड्स में सादे पानी को बुलबुलेदार बनाने का तरीक़ा खोज निकाला, और बीस साल के भीतर दूसरों ने उनके विचार को कारोबार में बदल दिया।
बियर की टंकी के ऊपर एक कटोरा
1767 की भरी गर्मियों के कुछ बाद जोसेफ़ प्रीस्टली वॉरिंगटन से लीड्स आ गए, बियर के एक बड़े कारख़ाने के बग़ल वाले घर में। किण्वित होती बियर से ‘स्थिर वायु’ निकलती थी, वह गैस जिसे आज हम कार्बन डाइऑक्साइड कहते हैं, और प्रीस्टली उस पर प्रयोग करने लगे। उन्होंने एक टंकी के ऊपर पानी का कटोरा लटकाया और पाया कि पानी ने गैस सोख ली और उसमें एक सुखद स्वाद आ गया। उन्होंने इसे दोस्तों को पिलाया और इसे अपनी ‘सबसे सुखद’ खोज बताया।
पर्चे से कारख़ाने तक
1772 में प्रीस्टली ने ‘पानी में स्थिर वायु मिलाने के निर्देश’ नाम का पर्चा प्रकाशित किया, जिसमें गैस बियर की जगह खड़िया और ‘ऑयल ऑफ़ विट्रियल’, यानी सल्फ़्यूरिक एसिड, से बनाई जाती थी। रॉयल सोसाइटी ने उन्हें 1773 में कोप्ली मेडल दिया। उन्हें उम्मीद थी कि यह बुलबुलेदार पानी समुद्र में स्कर्वी से बचाएगा, जो वह नहीं करता, और कैप्टन कुक उनके उपकरण के सुधरे हुए रूप साथ ले गए। दूसरों ने इसे कारोबार बना दिया: मैनचेस्टर के थॉमस हेनरी ने पहला कारख़ाना बनाया, और योहान याकोब श्वेप ने 1783 में जिनेवा में बोतलें भरनी शुरू कीं।
लोग जर्मनी क्यों कहते हैं
जर्मनी के पास बुलबुलेदार पानी लीड्स से बहुत पहले था, लेकिन वहाँ उसे प्रकृति बनाती थी। हेसे के टाउनस पहाड़ों में ज़ेल्टर्स के झरने प्राकृतिक रूप से बुलबुलेदार मिनरल वॉटर देते हैं, जिसे 17वीं से 19वीं सदी तक पत्थर-मिट्टी की बोतलों में भेजा जाता था। बताया जाता है कि 1787 में ज़ेल्टर्स की दस लाख से ज़्यादा बोतलें निर्यात हुईं। यह क़स्बा ‘seltzer’ शब्द में ज़िंदा है, जो सोडा वॉटर के लिए अमेरिकी शब्द है, जबकि ‘soda’ सोडियम लवणों से आया, जैसे खाने का सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट), जो अक्सर स्वाद के लिए मिलाए जाते हैं।
स्रोत: en.wikipedia.org › Carbonated water ↗ · en.wikipedia.org › Joseph Priestley ↗ · revolutionaryplayers.org.uk ↗ · sciencehistory.org ↗ · en.wikipedia.org › Selters ↗