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कोर्ताडो (दूध से ‘कटी’ एस्प्रेसो)
पेय

कोर्ताडो (दूध से ‘कटी’ एस्प्रेसो) असल में कहाँ से है?

कोर्ताडो स्पेन से आया है, जहाँ यह पूरे देश के कैफ़े की पहचान है। इसका नाम ही बताता है कि यह क्या है: एक एस्प्रेसो जिसे गर्म दूध से ‘काटा’ गया है, स्पेनिश में cortado, ताकि उसकी तीखी धार नरम पड़े। स्पेन से यह लैटिन अमेरिका में फैला और बाद में दुनिया भर की कॉफ़ी शॉप्स में।

दूध से कटी एस्प्रेसो

Cortado स्पेनिश क्रिया cortar यानी ‘काटना’ का भूतकृदंत है, और यहाँ इसका मतलब है पतला करना। दूध कॉफ़ी की खटास और कड़वाहट की धार कम कर देता है। स्पेन में यह पेय छोटा और कड़क होता है: रॉयल स्पैनिश अकादमी का शब्दकोश café cortado को बहुत कम दूध वाली कॉफ़ी बताता है, आम तौर पर एक सिंगल एस्प्रेसो और थोड़ा-सा गर्म दूध। दूध को भाप से गर्म किया जाता है, पर उसका झाग नहीं बनाया जाता। कातालान में इसी पेय को tallat कहते हैं, जिसका मतलब भी ‘कटा हुआ’ है।

अटलांटिक के पार

स्पेन के बाहर कोर्ताडो पूरे लैटिन अमेरिका में लोकप्रिय है, जहाँ इसके कई स्थानीय नाम हैं, जैसे perico, pintado और marrón। इसका एक मीठा रूप, cortadito, गर्म किए गए मीठे कंडेंस्ड मिल्क से ‘काटा’ जाता है; यह संरक्षित दूध तब आसानी से मिल जाता था जब ताज़ा दूध अक्सर नहीं मिलता था। स्पेनिश और पुर्तगाली बोलने वाले देशों में cortado का मतलब दूध से ‘काटी’ गई तरह-तरह की कॉफ़ी या एस्प्रेसो ड्रिंक हो सकता है, इसलिए सटीक नुस्ख़ा जगह-जगह बदलता है।

लोगों को इटली क्यों याद आता है

कैफ़े के मेन्यू पर दूध वाली बहुत-सी कॉफ़ी इतालवी हैं, जैसे कैपुचीनो और कैफ़े माक्कियातो, और कोर्ताडो के क़रीबी रिश्तेदार माक्कियातो और फ़्रांसीसी नुआज़ेट हैं। पर माक्कियातो में दूध के झाग का बस एक छींटा होता है, और कैपुचीनो में झाग और दूध की एक परत। विदेशों के स्पेशियलिटी कैफ़े में कोर्ताडो आम तौर पर लगभग बराबर मात्रा के एस्प्रेसो और भाप से गर्म दूध से बनता है; अमेरिका में इसका चलन कुछ हद तक एक दूसरे नाम, ‘gibraltar’, से शुरू हुआ, उस Libbey गिलास के नाम पर जिसमें इसे परोसा जाता था।

स्रोत: en.wikipedia.org ↗ · es.wikipedia.org ↗ · dle.rae.es › café ↗ · dle.rae.es › cortado ↗

और भी पेय

पेय

मुर्सिक (धुएँदार ख़मीरी दूध)

📍 रिफ़्ट वैली (कालेंजिन पहाड़ी इलाक़ा), केन्या

मुर्सिक वह दूध है जिसे जली हुई पेड़ की टहनी के कोयले से लिपी लौकी में कई दिनों तक ख़मीर उठाया जाता है, जिससे उसमें धुएँदार स्वाद और हल्की नीली झलक आती है। यह केन्या की रिफ़्ट वैली के कालेंजिन लोगों का पेय है, और देश के चैंपियन धावकों का स्वागत इसी से होता है।

लेमोनेड (मीठा नींबू पानी)
पेय

लेमोनेड (मीठा नींबू पानी)

📍 काहिरा, मिस्र

लेमोनेड के सबसे पुराने अभिलेख मध्यकालीन काहिरा के हैं: 12वीं सदी की शुरुआत तक वहाँ नींबू रस का कारोबार ज़ोरों पर था, और क़तरमीज़ात (चीनी मिले नींबू रस) की बोतलें बिकती और निर्यात होती थीं। बहुत बाद में पेरिस ने इसे फ़ैशन बनाया, जब विक्रेता पीठ पर बँधी टंकियों से इसे बेचते थे।

सोडा वॉटर (बुलबुलेदार पानी)
पेय

सोडा वॉटर (बुलबुलेदार पानी)

📍 उत्तरी इंग्लैंड

1767 में रसायनशास्त्री जोसेफ़ प्रीस्टली ने इंग्लैंड के लीड्स में बियर के एक कारख़ाने में किण्वन-टंकी के ऊपर पानी का कटोरा लटकाया, और पाया कि उसमें मज़ेदार बुलबुले भर गए। उन्होंने यह बुलबुलेदार पानी दोस्तों के साथ बाँटा और इसे अपनी ‘सबसे सुखद’ खोज बताया।

यूरोप से और कहानियाँ

Jeans (अंग्रेज़ी शब्द)
शब्द

Jeans (अंग्रेज़ी शब्द)

📍 जेनोआ, इटली

Jeans का नाता जेनोआ (फ़्रेंच में Gênes) से है: अंग्रेज़ व्यापारी इस इतालवी बंदरगाह से आने वाले एक टिकाऊ फ़स्टियन कपड़े को ‘Gene fustian’ कहते थे, बाद में सिर्फ़ ‘jean’। 15वीं सदी के मध्य तक यह नाम अंग्रेज़ी में आ चुका था, नीली जींस पहने जाने से बहुत पहले।

बैंडोनियन
संगीत और नृत्य

बैंडोनियन

📍 जर्मनी (क्रेफ़ेल्ड और केमनित्ज़)

टैंगो का पहचान वाला वाद्य जर्मन है। क्रेफ़ेल्ड के संगीत-व्यापारी हाइनरिख़ बांड ने 19वीं सदी के मध्य में कॉन्सर्टिना से बैंडोनियन विकसित किया, और बाद में प्रवासी और नाविक इसे ब्यूनस आयर्स और मोंटेवीडियो ले गए।

करीवुर्स्ट
खाना

करीवुर्स्ट

📍 बर्लिन, जर्मनी

करीवुर्स्ट की शुरुआत आम तौर पर 1949 के बर्लिन और हेर्टा होयवर से जोड़ी जाती है, जिन्होंने ब्रिटिश सैनिकों से मिले करी पाउडर से बनी एक तीखी सॉस तले सॉसेज पर डाली। अनुमान है कि जर्मन अब हर साल 80 करोड़ करीवुर्स्ट खा जाते हैं।